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यज्ञोपैथी अनुभव: यज्ञ का अवसाद रोग पर प्रभाव (श्रीमती ममता सक्सेना, दिल्ली)

Updated: Jan 4, 2021

मेरी सहेली का पुत्र कोटा में IIT की कोचिंग लेने गया था। वहाँ पर अत्याधिक पढ़ाई का दबाव न झेल पाने के कारण वो धीरे-धीरे डिप्रेशन में आ गया। उसको वे लोग दिल्ली लेकर आ गये और उसका इलाज पहले एलोपैथिक द्वारा शुरु किया गया।परंतु उससे ज्यादा लाभ नहीं हुआ, बल्कि उसका गुस्सा और बढता गया। वो तोड़-फोड़ भी करने लगा। तब उन्होंने उसे हॉस्पिटल में भर्ती करवा कर मानसिक रोग उपचार प्रारम्भ करवाया।कोई लाभ ना होते देख वे उसे घर वापस ले आये। जब उन्होंने मुझसे कहा कि वो बेटे के लिये यज्ञोपैथी कराना चाहती है तब मैंने उसका यज्ञोपचार शुरू किया। लगभग 3 माह तक उपचार चला जिसमें उसने नित्य अवसाद की विशेष हवन-सामग्री द्वारा बतायी हुई विधि से हवन किया और उसके स्वास्थ्य में क्रमश: सुधार होता चला गया। उसके लक्षणों को मैंने 0 – 5 की स्केल पर रिकॉर्ड किया जो कि निम्न तालिका में प्रदर्शित है।


इस प्रकार 3 महीने में, यज्ञोपैथी द्वारा वह लगभग 80% स्वस्थ्य हो गया।

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